हवन!!
कोई हवन ज़ारी है आज कल मेरे चार सु
मैं महसूस करता रहता हु ......
धुँआ आँख में लगता तो है पर दिखाई नहीं देता.,
सुखी हवन सामग्री के जलने की खुशबू है ,
और घी भी जलता रहता है महकता है !!....
आग की आँच है .......
जो भीतर सै बाहर आती है या सांस से मेरे भीतर जाती
साफ़ साफ़ कुछ नहीं बस कुछ जल रहा है ..
ये रुह को कुंदन कर देगा रूह को जला के शायद ,
या फिर ख़ाक कर देगा ...मेरा हर ख्याल....
ये किसी शमशान से आ रहा या किसी मज़ार का
है ??? कुछ कह नहीं सकते लकिन ये जारी है
मुझे महसूस होता रहता है
कही कुछ बना रहा ख़ुदा या जला रहा है मेरे अन्दर का कुछ भयानक अंश
हवन ज़ारी है उसका किसी विनाश का या आविष्कार का !!- saira
कोई हवन ज़ारी है आज कल मेरे चार सु
मैं महसूस करता रहता हु ......
धुँआ आँख में लगता तो है पर दिखाई नहीं देता.,
सुखी हवन सामग्री के जलने की खुशबू है ,
और घी भी जलता रहता है महकता है !!....
आग की आँच है .......
जो भीतर सै बाहर आती है या सांस से मेरे भीतर जाती
साफ़ साफ़ कुछ नहीं बस कुछ जल रहा है ..
ये रुह को कुंदन कर देगा रूह को जला के शायद ,
या फिर ख़ाक कर देगा ...मेरा हर ख्याल....
ये किसी शमशान से आ रहा या किसी मज़ार का
है ??? कुछ कह नहीं सकते लकिन ये जारी है
मुझे महसूस होता रहता है
कही कुछ बना रहा ख़ुदा या जला रहा है मेरे अन्दर का कुछ भयानक अंश
हवन ज़ारी है उसका किसी विनाश का या आविष्कार का !!- saira

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