उम्र भर गुलामी कर लु मैं तेरी दोनों आँखों की ....
बस तु इतना कर के नज़र ए करम कहीं और न कर !
न सोच जमाना क्या कहने वाला है
तु आईने पे कुछ गौर न कर..!
मैं यु भी तेरे इश्क का शाहकार हु ...
बस ठहर जा के कोई और महबूब इज़ाद न कर !
बहुत हुआ दिल का खिलौना करना
नाज़ुक चीज़ हैं कुछ ख्याल तो कर !
मैं नाम लिख दी तेरे मेरी छोटी सी ज़िन्दगी
तु कुछ और न कर मोहब्बत में इकरार तो कर !!
खुल्द के सफ़र पे जायेंगे सभी तनहा ही ..
मेरे पलकों में तब तक तो ठहर ..बे जा वक़्त बर्बाद न कर !!
आज.. दिल् ,जान ,चाहे तो रूह को काबिज़ कर ले ,,
मुझे अपनी ग्रिफ्त में रख यूं आज़ाद न कर !!- saira
बस तु इतना कर के नज़र ए करम कहीं और न कर !
न सोच जमाना क्या कहने वाला है
तु आईने पे कुछ गौर न कर..!
मैं यु भी तेरे इश्क का शाहकार हु ...
बस ठहर जा के कोई और महबूब इज़ाद न कर !
बहुत हुआ दिल का खिलौना करना
नाज़ुक चीज़ हैं कुछ ख्याल तो कर !
मैं नाम लिख दी तेरे मेरी छोटी सी ज़िन्दगी
तु कुछ और न कर मोहब्बत में इकरार तो कर !!
खुल्द के सफ़र पे जायेंगे सभी तनहा ही ..
मेरे पलकों में तब तक तो ठहर ..बे जा वक़्त बर्बाद न कर !!
आज.. दिल् ,जान ,चाहे तो रूह को काबिज़ कर ले ,,
मुझे अपनी ग्रिफ्त में रख यूं आज़ाद न कर !!- saira
