हर हाल जीते रहेंगे
ज़िद्द हैं जीने की तो यूं ही जीते रहेंगे ...
हम गम खा लेंगे आँसू पीते रहेंगे .
वो चाक करते रहेंगे गिरेबान मेरा
हम मुफलसी की धागो से सीते रहेंगे .
कौन रुकता, कौन मिटा है किसी के लिए
हम भी तुझ से मिलते और बिछड़ते रहेंगे
कुछ पल नासूर हो जाते हैं जिंदगी में कभी कभी
हम इन्ही यादों को पालते पलोसते रहेंगे ..
कितना रोये कोई किसी के वास्ते ..
होने दो होते हैं गर अलग ये रास्ते ...
हम इन रिश्ते नातों का बोझ ढोते रहेंगे
हर हाल जीते रहेंगे !!-saira
ज़िद्द हैं जीने की तो यूं ही जीते रहेंगे ...
हम गम खा लेंगे आँसू पीते रहेंगे .
वो चाक करते रहेंगे गिरेबान मेरा
हम मुफलसी की धागो से सीते रहेंगे .
कौन रुकता, कौन मिटा है किसी के लिए
हम भी तुझ से मिलते और बिछड़ते रहेंगे
कुछ पल नासूर हो जाते हैं जिंदगी में कभी कभी
हम इन्ही यादों को पालते पलोसते रहेंगे ..
कितना रोये कोई किसी के वास्ते ..
होने दो होते हैं गर अलग ये रास्ते ...
हम इन रिश्ते नातों का बोझ ढोते रहेंगे
हर हाल जीते रहेंगे !!-saira


