कृष्ण..या तुम !!? !!
मो को तो संग प्रीत लगी है ,
सगरा जगत रहा बतियाए!
काहे तो को शाम पुकारू ,
मोरे नीलकंठ तो कैलाश समाए !!
सगरा जगत रहा बतियाए!
काहे तो को शाम पुकारू ,
मोरे नीलकंठ तो कैलाश समाए !!
काहे तुमरी धुन पे नाचु ,
काहे तो बिन बैन करू मैं !
चंद्रशेखर की प्रीत में उलझी ,
काहे मोरमुकुट को बाचु??
काहे तो बिन बैन करू मैं !
चंद्रशेखर की प्रीत में उलझी ,
काहे मोरमुकुट को बाचु??
मैं जंगल में ध्यान लगाऊ
सर्प सों संग श्रृंगार सजाऊ
और तन पे मैं भसम रामाऊ
फिर काहे ...??
पीतामभर क्यूँ भावे मो को ?
मोर पंख और माखन सोहावे ?
सर्प सों संग श्रृंगार सजाऊ
और तन पे मैं भसम रामाऊ
फिर काहे ...??
पीतामभर क्यूँ भावे मो को ?
मोर पंख और माखन सोहावे ?
"चंदरपाल " का भेस धरे हो वासुदेवा ?
हे "अनन्ता" तुम का मोहे ठगो हो
बन कान्हा , माधव, कृष्ण गवाल ?? !!- saira
हे "अनन्ता" तुम का मोहे ठगो हो
बन कान्हा , माधव, कृष्ण गवाल ?? !!- saira

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