ये कैसा गुलाब है जो अब तक महकता है
गुनगुनाता, ठुमकता और दिल जैसा धडकता
हमारे सीनों में आज तक और फिर सदा के लिये .....!!
कुछ भी न लिया तेरी कायनात से या रब
बस एक कतरा नूर एक पायल और कुछ
नगमे जो जमाने को याद है ,,,,
मुझे महकने दो सदा के लिये बस इत्ती सी फरियाद है
ये मेरा फन है रूह मेरी ...यही मेरी जान है !!!
गुनगुनाता, ठुमकता और दिल जैसा धडकता
हमारे सीनों में आज तक और फिर सदा के लिये .....!!
कुछ भी न लिया तेरी कायनात से या रब
बस एक कतरा नूर एक पायल और कुछ
नगमे जो जमाने को याद है ,,,,
मुझे महकने दो सदा के लिये बस इत्ती सी फरियाद है
ये मेरा फन है रूह मेरी ...यही मेरी जान है !!!

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