मुश्त भर मिट्टी से बनाया उस रब ने मुझे
होंसला वो के सातों आसमान चीर दु
कोई खौफ नहीं या रब तु जो मेरे साथ हो
मैं तिनके भर से कोई भी शमसीर मोड़ दु !
होंसला वो के सातों आसमान चीर दु
कोई खौफ नहीं या रब तु जो मेरे साथ हो
मैं तिनके भर से कोई भी शमसीर मोड़ दु !

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