मेरी कलम से जब तुम कमल की तरहां
कागजों पे उभरते हो, तब एहसास होने लगता है
कुछ लोग कहीं रहें, किसी हाल हों ...
वो बस बेशकीमती होते हैं
और उनकी यादें किसी इबादत की तरह पाक़ !! -saira
कागजों पे उभरते हो, तब एहसास होने लगता है
कुछ लोग कहीं रहें, किसी हाल हों ...
वो बस बेशकीमती होते हैं
और उनकी यादें किसी इबादत की तरह पाक़ !! -saira

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