Powered By Blogger

Friday, 7 November 2014

तु मुझे सोचता है


ऐस नही की उसको फ़िक्र नही मेरी
हाँ वो ख़ुदा है तो सब  का  सोचता है !

किस किस को अता कर दे वो दिल का क़रार ?
वो इबादत और शिद्दत का वजन तोलता है !

लाख छुपा ले इश्क़ तू सारी दुनिया से
यह अज़ान बन के सारे शहर में कोंधता है !


सारी दुनिया अज़ीज़ उसको बस मेरे सिवा
क्या  सितमग़र है वफ़ा की इन्तहा खोजता है !!

मेरी फ़िक्र न  कर मैं ज़िन्दा रहुंगा,
भला मर के भी कोई दम तोड़ता है !!

होसला ए सफीना देखों, हावा बदले  या पानी की रवां  ,
नाख़ुदा बिन भी  कभी लहरों पे डोलता है !!

कोइ वादा खिलाफी का इलज़ाम  नही तुझ पे
 मैं जनता हु जुदा हो के भी तु मुझे सोचता है! -सायरा

हवन!!

हवन!!
कोई हवन ज़ारी है आज कल मेरे चार सु
मैं महसूस करता रहता हु ......
धुँआ आँख में लगता तो है पर दिखाई नहीं देता.,
सुखी हवन सामग्री के जलने की खुशबू है ,
और घी भी जलता रहता है महकता है !!....
आग की आँच है .......
जो भीतर सै बाहर आती है या सांस से मेरे भीतर जाती 
साफ़ साफ़ कुछ नहीं बस कुछ जल रहा है ..
ये रुह को कुंदन कर देगा रूह को जला के शायद ,
या फिर ख़ाक कर देगा ...मेरा हर ख्याल....
ये किसी शमशान से आ रहा या किसी मज़ार का
है ??? कुछ कह नहीं सकते लकिन ये जारी है
मुझे महसूस होता रहता है
कही कुछ बना रहा ख़ुदा या जला रहा है मेरे अन्दर का कुछ भयानक अंश
हवन ज़ारी है उसका किसी विनाश का या आविष्कार का !!- saira
किस्मत की बिसात पे है वो बशर लेकिन....
ज़िद्द है की इस से लड़ के ही खेल जीतेगा !!-saira

khamoshi

क्या बयां?? ....कुछ भी तो नही कहती तेरी ख़ामोशी मुझ से...
अंदाज़ और अंदाजों में बड़ा फर्क होता है !!-saira
kya bayaan???..kuch bhi to nahi kehti teri khamoshi mujh se..
andaaz aur andaazon mein bada farq hota hai !!- saira

Tuesday, 30 September 2014

दे होंसला के किसी के काम आ सकूं,
दे हिम्मत के दर्द बांट लु कोई ....!
या रब ..दे तौफीक़ किसी की उम्मीद बन जाऊ
जब बनु तो नउम्मीद न रहे कोई !!- saira

de hosla ke kisi ke kaam aa saku,
de himmat ke dard baant lu koi...!
ya rab de taufeeq kisi ki ummed ban jau,
jab banu to naumeed na rahe koi !!-saira

Friday, 26 September 2014

अजब नशा है ज़िन्दगी, तुझे रोज़ पीए जाते हैं 
तु हर शाम कत्ल कर के जाती है,हम रोज़ ज़िंदा हुए जाते है!!- saira
अज़ीब परिंदे हैं ये रिश्ते दिल के,
न कैद सहते हैं न आजाद रहते हैं !!-saira

Ajeeb parindey hain ye rishtey dil ke,
na qaid sehte hain na azad rehte hain !!-saira