तुम !!
कभी इशक़ तु, कभी अश्क तु!
कभी दर्द तु, कभी मर्ज़ तु!
और मैं कभी अर्श पे, कभी फर्श पे!
कभी घर मेरा , कभी राह तु !
मेरी चाहत और राहत भी तु !
और दिल घुमता है तेरे चार सु!
कभी कोई गिला ..या इबादत का सिला ..!
कभी आस और कभी प्यास तु !
कभी आईना कभी अक्स तु
कभी तु रूबरू ,कभी मैं भी तु !
मेरा नाम भी निशान भी तु
कभी दिल हु मैं कभी जान तु
मैं कुछ नही तेरे बिना ,
मेरा कोई नही तेरे सिवा
"मोहब्बत " !!-saira©