दिन भर तलाश ए स्कुं में गुम रहा सारा शहर,,,,
रात भी बेचैनीयाँ ही ले के लौटी है
कौन क्हता नींद से आराम मिलता
हाँ दुआओ का सिला ज़रूर मिलता है
तो सुनो.... दुआओं में मुझे बस याद रखना तुम!!saira©
यहाँ अपना पराया कोई नहीं
बस मकसद के रिश्ते नाते हैं
सब खुद से लड़ते रहते है
उल्फत का दीवाना कोई नहीं!!- saira
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रात भी बेचैनीयाँ ही ले के लौटी है
कौन क्हता नींद से आराम मिलता
हाँ दुआओ का सिला ज़रूर मिलता है
तो सुनो.... दुआओं में मुझे बस याद रखना तुम!!saira©
यहाँ अपना पराया कोई नहीं
बस मकसद के रिश्ते नाते हैं
सब खुद से लड़ते रहते है
उल्फत का दीवाना कोई नहीं!!- saira
मेरी नज़्म की नाब्ज जाने क्युँ बैठी जाती है,
तेरा ज़िक्रि आता है तो दुनिया उलझ सी जाती है,
के मेरे किस्सों में शामिल है तु आजकल,
देख उल्फत क्या रंग लाती है,
मेरी बदनामी रोज़ बड़ती जाती है!!-saira©
तेरा ज़िक्रि आता है तो दुनिया उलझ सी जाती है,
के मेरे किस्सों में शामिल है तु आजकल,
देख उल्फत क्या रंग लाती है,
मेरी बदनामी रोज़ बड़ती जाती है!!-saira©
गुज़ारिशें बे हिसाब सुन के आयी है,
ये शब ए मिराज़ कितना बन संवर के आई है!
कितना हसीन चाँद लेके आई है
ये नेहमत ए इबादत आज ईद बन के आई है!!-saira©
guzarishen be hisaab sun ke aayi hai,
yeah e miraz kitna ban savar ke aayi hai,
Kitna haseen chaand leke aayi hai,
ye nehmat e ibadat aaj eid ban ke aayi hai!!-saira©
ये शब ए मिराज़ कितना बन संवर के आई है!
कितना हसीन चाँद लेके आई है
ये नेहमत ए इबादत आज ईद बन के आई है!!-saira©
guzarishen be hisaab sun ke aayi hai,
yeah e miraz kitna ban savar ke aayi hai,
Kitna haseen chaand leke aayi hai,
ye nehmat e ibadat aaj eid ban ke aayi hai!!-saira©
बडा इतरा के बरसा है सावन ये आज तो...
गौर से देख किस हसीन का काजल घुला है बादल में !!!-saira©
गौर से देख किस हसीन का काजल घुला है बादल में !!!-saira©
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