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Thursday, 22 October 2015

july 2015

उस के शाने पे सर रख के कोई ख्व़ाब सोया भी नही ,
दिल उसकी पनाह में अभी खोया भी नही ,
अज़ीब बात फिर भी सकूं है ...
मैंने ठीक से उसे पाया नही और पुरा खोया भी नही -saira-© 

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