Powered By Blogger

Thursday, 22 October 2015

oct 2015

बहुत बढ गया है नफ़्स ए मोहब्बत मेरा
दुआओं में कोई शामिल नही तेरे सिवा !
मेरा बस राबता भी म्हज़ तुझ से है 
और दुनिया से कोई शिक्वा ना गिला !!-saira©

चंद फुलों की चाहत में 
तमाम उमर मिट्टी से लिपटा रहा वो बागबाँ
फुल खिले तो तक़दीर
में मज़ार,मन्दिर,गिरज़ा और सेज़ लेके आए हैं !!-saira©

कल से कल तक के सफ़र में 
ही ज़िन्द्गी तमाम होनी है 
कल क्या बीता खबर रहती है 
कल क्या होना है ??वो खुद के बस की बात होती है !!-saira©

खुद्गरज़ी गुनाह नही बे शक 
सब से पह्ले खुद का सोचा तो कहर क्युं बरपा !!-saira©

बड़ा आराम है मुफ़लिसी में आज कल
के कुछ खोने का डर नही 
मेरा युं भी यहां तो कुछ नहीं 
देख गरीबी मे कॉई फ़िक्र नही!!- saira ©

गुम्शुदा हुँ मैं ...लोग कहते हैं 
वो नही जानते मुझे मिल गया कोई !-saira©
gumshuda hu main ...log kehte hain
Vo nahi jante mujhe mil gya koi !-saira©

क्या क्या बदल रहा है 
कभी रंगत,कभी चेहरा
और कभी फितरत जाहान की!!-saira©

No comments:

Post a Comment