बहुत बढ गया है नफ़्स ए मोहब्बत मेरा
दुआओं में कोई शामिल नही तेरे सिवा !
मेरा बस राबता भी म्हज़ तुझ से है
और दुनिया से कोई शिक्वा ना गिला !!-saira©
चंद फुलों की चाहत में
तमाम उमर मिट्टी से लिपटा रहा वो बागबाँ
फुल खिले तो तक़दीर
में मज़ार,मन्दिर,गिरज़ा और सेज़ लेके आए हैं !!-saira©
कल से कल तक के सफ़र में
ही ज़िन्द्गी तमाम होनी है
कल क्या बीता खबर रहती है
कल क्या होना है ??वो खुद के बस की बात होती है !!-saira©
खुद्गरज़ी गुनाह नही बे शक
सब से पह्ले खुद का सोचा तो कहर क्युं बरपा !!-saira©
बड़ा आराम है मुफ़लिसी में आज कल
के कुछ खोने का डर नही
मेरा युं भी यहां तो कुछ नहीं
देख गरीबी मे कॉई फ़िक्र नही!!- saira ©
गुम्शुदा हुँ मैं ...लोग कहते हैं
वो नही जानते मुझे मिल गया कोई !-saira©
gumshuda hu main ...log kehte hain
Vo nahi jante mujhe mil gya koi !-saira©
क्या क्या बदल रहा है
कभी रंगत,कभी चेहरा
और कभी फितरत जाहान की!!-saira©
दुआओं में कोई शामिल नही तेरे सिवा !
मेरा बस राबता भी म्हज़ तुझ से है
और दुनिया से कोई शिक्वा ना गिला !!-saira©
चंद फुलों की चाहत में
तमाम उमर मिट्टी से लिपटा रहा वो बागबाँ
फुल खिले तो तक़दीर
में मज़ार,मन्दिर,गिरज़ा और सेज़ लेके आए हैं !!-saira©
कल से कल तक के सफ़र में
ही ज़िन्द्गी तमाम होनी है
कल क्या बीता खबर रहती है
कल क्या होना है ??वो खुद के बस की बात होती है !!-saira©
खुद्गरज़ी गुनाह नही बे शक
सब से पह्ले खुद का सोचा तो कहर क्युं बरपा !!-saira©
बड़ा आराम है मुफ़लिसी में आज कल
के कुछ खोने का डर नही
मेरा युं भी यहां तो कुछ नहीं
देख गरीबी मे कॉई फ़िक्र नही!!- saira ©
गुम्शुदा हुँ मैं ...लोग कहते हैं
वो नही जानते मुझे मिल गया कोई !-saira©
gumshuda hu main ...log kehte hain
Vo nahi jante mujhe mil gya koi !-saira©
क्या क्या बदल रहा है
कभी रंगत,कभी चेहरा
और कभी फितरत जाहान की!!-saira©

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