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Thursday, 26 February 2015

khyaal

जरूरी हैं सांस अगर मेरे जीने के लिए 
तो जरूरी है तेरी महक इन फिज़ाओं में मिले !!-saira

लाख रौशनी के चराग जला ले कोई
परछइयां कभी नहीं छोडती चाहे कितना अँधेरा हो ....!! - saira
laakh roshni ke chrag jla le koi ,
parchhayian kabhi nahi chorti chahae kitna andhera ho ....!!-saira

क्या होंसला ले आता है आफ़ताब भी ..... 
रोज़ शिकश्त खाता हैं सियाह रात के अँधेरे से ..
रोज़ उगता है रोशन बाटने के वासते !!-saira

खुले दरवाज़े रखते हैं आज कल ..
एक दिल अमानत रखा था वो चोरी हो गया 
अब खोने को कुछ भी नहीं !!-saira

जब तलक दोस्त नज़र चुरा के नज़ारे न देखे ...
समझो उस की वफ़ा बाकी है ....
और जब जुबां और नज़र लडखडाए तो समझो ..
वो कुछ बदला है अब और बदल जायेगा !!-saira

अज्माय्शों का वक़्त है
फर्मयेशें न कर महबूब से..
ए दिल गुनाहे ए इश्क़ का कसूरवार है तु !!-saira
Azmaishon ka waqt hai...... Farmayeshen na kar.. Mehboob se ,
 aye dil gunah e ishq ka kasoorvar hai tu! - saira

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