जरूरी हैं सांस अगर मेरे जीने के लिए
तो जरूरी है तेरी महक इन फिज़ाओं में मिले !!-saira
क्या होंसला ले आता है आफ़ताब भी .....
रोज़ शिकश्त खाता हैं सियाह रात के अँधेरे से ..
रोज़ उगता है रोशन बाटने के वासते !!-saira
खुले दरवाज़े रखते हैं आज कल ..
एक दिल अमानत रखा था वो चोरी हो गया
अब खोने को कुछ भी नहीं !!-saira
जब तलक दोस्त नज़र चुरा के नज़ारे न देखे ...
समझो उस की वफ़ा बाकी है ....
और जब जुबां और नज़र लडखडाए तो समझो ..
वो कुछ बदला है अब और बदल जायेगा !!-saira
तो जरूरी है तेरी महक इन फिज़ाओं में मिले !!-saira
लाख रौशनी के चराग जला ले कोई
परछइयां कभी नहीं छोडती चाहे कितना अँधेरा हो ....!! - saira
परछइयां कभी नहीं छोडती चाहे कितना अँधेरा हो ....!! - saira
laakh roshni ke chrag jla le koi ,
parchhayian kabhi nahi chorti chahae kitna andhera ho ....!!-saira
parchhayian kabhi nahi chorti chahae kitna andhera ho ....!!-saira
क्या होंसला ले आता है आफ़ताब भी .....
रोज़ शिकश्त खाता हैं सियाह रात के अँधेरे से ..
रोज़ उगता है रोशन बाटने के वासते !!-saira
खुले दरवाज़े रखते हैं आज कल ..
एक दिल अमानत रखा था वो चोरी हो गया
अब खोने को कुछ भी नहीं !!-saira
जब तलक दोस्त नज़र चुरा के नज़ारे न देखे ...
समझो उस की वफ़ा बाकी है ....
और जब जुबां और नज़र लडखडाए तो समझो ..
वो कुछ बदला है अब और बदल जायेगा !!-saira

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