न रूकता है न बहता है खामोश है या कुछ कहता हुआ कोई आगाज न सफर कोई राज सा और इजहार कोई दुआ सा और बदुआ कोई ईशक दरिया है दिन रात बहती हुई अदा कोई! !-saira °
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