मेरी फरियाद तुझ तक आती है मौला ...!
देखें सवाली की इबादत क्या रंग लाती है मौला !!
तेरे दर से बे-शुमार मिलता है, यूँ मुझ को ,,
के दमन ऐ फकीर छोटा पड़ जाता है मौला!!
तेरे दर से टूटता हु , बिखरता हु कभी ..
जब सजदे में झुकता हु,
अर्श की बुलंदी छु के आता हूँ मेरे मौला !!- saira

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