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Monday, 13 June 2016

Friyaad

मेरी फरियाद तुझ तक आती है मौला ...!
देखें सवाली  की इबादत  क्या रंग लाती है मौला !!
तेरे दर से बे-शुमार मिलता  है, यूँ मुझ को ,,
के दमन ऐ फकीर  छोटा पड़ जाता है मौला!!
तेरे दर  से टूटता हु , बिखरता हु कभी ..
  जब सजदे में झुकता हु,
अर्श की  बुलंदी छु के आता हूँ मेरे मौला !!- saira

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