रहना तु!!
तु पत्थर दिल है तो अब यही रहना .
पथरों से अक्सर ख़ुदा बनते है !!
तू खुशबू है तो यूँ ही महका करना ,
खुशबुओं से मन्दिर भी सज़ा करते हैं!!
तु अंगार है तो जलते रहना ,
इन से घर के चराग जलते है !!
तु फ़रेब है तो फरेबी रहना ,
नसीब वालों को ऐसे ख़िताब मिलते है!!
तु अजनबी है तो बस वही रहना ,
अजनबियों से मंज़िलों के पते मिलते है !!-saira


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